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श्री महाभारत
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पर्व 13: अनुशासन पर्व
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अध्याय 12: कृतघ्नकी गति और प्रायश्चित्तका वर्णन तथा स्त्री-पुरुषके संयोगमें स्त्रीको ही अधिक सुख होनेके सम्बन्धमें भंगास्वनका उपाख्यान
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श्लोक 2
श्लोक
13.12.2
भीष्म उवाच
अत्राप्युदाहरन्तीममितिहासं पुरातनम्।
भंगास्वनेन शक्रस्य यथा वैरमभूत् पुरा॥ २॥
अनुवाद
भीष्म बोले - 'हे राजन! इस विषय में भी इन्द्र और भंगास्वन की शत्रुता का प्राचीन इतिहास उदाहरण दिया गया है।॥ 2॥
Bhishma said, 'O King! In this matter also, the example of the ancient history of Indra's enmity with Bhangaswan is given.॥ 2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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