Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 13.119.19: महाराज! इस प्रकार चार विधियों से पालन करने योग्य अहिंसारूप धर्म आपके समक्ष प्रस्तुत किया गया है। यह सभी धर्मों में विद्यमान है॥19॥   |   mahabharat अध्याय 13.119: हिंसा और मांसभक्षणकी घोर निन्दा   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 119: हिंसा और मांसभक्षणकी घोर निन्दा  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  13.119.19 
एवमेषा महाराज चतुर्भि: कारणैर्वृता।
अहिंसा तव निर्दिष्टा सर्वधर्मानुसंहिता॥ १९॥
 
 
अनुवाद
महाराज! इस प्रकार चार विधियों से पालन करने योग्य अहिंसारूप धर्म आपके समक्ष प्रस्तुत किया गया है। यह सभी धर्मों में विद्यमान है॥19॥
 
Maharaj! In this way, the religion of non-violence which can be followed by four methods has been presented to you. It is present in all the religions.॥ 19॥
 
इति श्रीमहाभारते अनुशासनपर्वणि दानधर्मपर्वणि मांसवर्जनकथने चतुर्दशाधिकशततमोऽध्याय:॥ ११४॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत अनुशासनपर्वके अन्तर्गत दानधर्मपर्वमें मांसके परित्यागका उपदेशविषयक एक सौ चौदहवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ११४॥

(दाक्षिणात्य अधिक पाठके २ श्लोक मिलाकर कुल २१ श्लोक हैं)
 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)