Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.117.24: दान देने वालों द्वारा आरंभ किया गया मार्ग ही बुद्धिमान लोग अपनाते हैं। जो लोग अन्नदान करते हैं, वे ही वास्तव में जीवनदान करते हैं। उन्हीं के कारण सनातन धर्म की वृद्धि होती है॥ 24॥ | mahabharat अध्याय 13.117: पापसे छूटनेके उपाय तथा अन्नदानकी विशेष महिमा । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
दानवद्भि: कृत: पन्था येन यान्ति मनीषिण:।
ते हि प्राणस्य दातारस्तेभ्यो धर्म: सनातन:॥ २४॥
अनुवाद
दान देने वालों द्वारा आरंभ किया गया मार्ग ही बुद्धिमान लोग अपनाते हैं। जो लोग अन्नदान करते हैं, वे ही वास्तव में जीवनदान करते हैं। उन्हीं के कारण सनातन धर्म की वृद्धि होती है॥ 24॥
The path started by the donors is followed by the wise men. The people who donate food are actually the ones who donate life. It is because of them that Sanatan Dharma grows.॥ 24॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥