श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 116: बृहस्पतिका युधिष्ठिरसे प्राणियोंके जन्मके प्रकारका और नानाविध पापोंके फलस्वरूप नरकादिकी प्राप्ति एवं तिर्यग्योनियोंमें जन्म लेनेका वर्णन  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  13.116.8 
ततो धर्मसुतो राजा भगवन्तं बृहस्पतिम्।
उपगम्य यथान्यायं प्रश्नं पप्रच्छ तत्त्वत:॥ ८॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् धर्मपुत्र राजा युधिष्ठिर भगवान बृहस्पतिजी के पास गए और उनसे यथोचित रूप से यह दार्शनिक प्रश्न पूछा ॥8॥
 
Thereafter, Dharmaputra King Yudhishthir went near Lord Brihaspatiji and posed this philosophical question in the appropriate manner. 8॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)