श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 116: बृहस्पतिका युधिष्ठिरसे प्राणियोंके जन्मके प्रकारका और नानाविध पापोंके फलस्वरूप नरकादिकी प्राप्ति एवं तिर्यग्योनियोंमें जन्म लेनेका वर्णन  »  श्लोक 42
 
 
श्लोक  13.116.42 
यदेतदुच्यते शास्त्रे सेतिहासे च च्छन्दसि।
यमस्य विषयं घोरं मर्त्यो लोक: प्रपद्यते॥ ४२॥
 
 
अनुवाद
यह बात सत्य है कि शास्त्रों, इतिहास और वेदों में जो कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति इस संसार में पाप करता है तो वह मृत्यु के पश्चात यमराज के घोर लोक में जाता है।
 
It is true that what is stated in the scriptures, history and Vedas that if a person commits sin in this world, he goes to the terrible world of Yamraj after death.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)