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श्री महाभारत
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पर्व 13: अनुशासन पर्व
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अध्याय 116: बृहस्पतिका युधिष्ठिरसे प्राणियोंके जन्मके प्रकारका और नानाविध पापोंके फलस्वरूप नरकादिकी प्राप्ति एवं तिर्यग्योनियोंमें जन्म लेनेका वर्णन
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श्लोक 3
श्लोक
13.116.3
मृतं शरीरमुत्सृज्य काष्ठलोष्टसमं जना:।
प्रयान्त्यमुं लोकमित: को वै ताननुगच्छति॥ ३॥
अनुवाद
जब लोग अपने मृत शरीरों को लकड़ी के टुकड़ों या मिट्टी के ढेले के समान छोड़कर इस लोक से परलोक चले जाते हैं, तब उनके पीछे कौन जाता है? ॥3॥
When people leave this world for the next world, leaving behind their dead bodies like pieces of wood or lumps of clay, who follows them? ॥3॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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