Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.114.9: जो मनुष्य ज्येष्ठ मास की द्वादशी तिथि को दिन-रात उपवास करके भगवान त्रिविक्रम की पूजा करता है, उसे गोमेध यज्ञ का फल मिलता है और अप्सराओं का संग प्राप्त होता है। | mahabharat अध्याय 13.114: प्रत्येक मासकी द्वादशी तिथिको उपवास और भगवान् विष्णुकी पूजा करनेका विशेष माहात्म्य । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो मनुष्य ज्येष्ठ मास की द्वादशी तिथि को दिन-रात उपवास करके भगवान त्रिविक्रम की पूजा करता है, उसे गोमेध यज्ञ का फल मिलता है और अप्सराओं का संग प्राप्त होता है।
One who worships Lord Trivikram by fasting day and night on the Dwadashi Tithi of the month Jyeshtha, gets the fruits of Gomedha Yagya and enjoys the company of Apsaras.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥