Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.114.17: इससे श्रेष्ठ कोई दूसरा व्रत नहीं है, यह निश्चयपूर्वक मानना चाहिए। स्वयं भगवान विष्णु ने इस प्राचीन व्रत के विषय में बताया है॥17॥ | mahabharat अध्याय 13.114: प्रत्येक मासकी द्वादशी तिथिको उपवास और भगवान् विष्णुकी पूजा करनेका विशेष माहात्म्य । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इससे श्रेष्ठ कोई दूसरा व्रत नहीं है, यह निश्चयपूर्वक मानना चाहिए। स्वयं भगवान विष्णु ने इस प्राचीन व्रत के विषय में बताया है॥17॥
There is no other fast better than this one, this must be taken as a certainty. Lord Vishnu himself has told about this ancient fast.॥ 17॥
इतिश्रीमहाभारते अनुशासनपर्वणि दानधर्मपर्वणि विष्णोर्द्वादशकंनाम नवाधिकशततमोऽध्याय:॥ १०९॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत अनुशासनपर्वके अन्तर्गत दानधर्मपर्वमें भगवान् विष्णुका द्वादशी-व्रत नामक एक सौ नवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १०९॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥