Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 13.114.15: जो मनुष्य इस प्रकार एक वर्ष तक कमलनेत्र भगवान विष्णु की पूजा करता है, उसे पूर्वजन्मों की बातें याद आ जाती हैं और उसे बहुत सारा सोना प्राप्त होता है॥ 15॥   |   mahabharat अध्याय 13.114: प्रत्येक मासकी द्वादशी तिथिको उपवास और भगवान‍् विष्णुकी पूजा करनेका विशेष माहात्म्य   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 114: प्रत्येक मासकी द्वादशी तिथिको उपवास और भगवान‍् विष्णुकी पूजा करनेका विशेष माहात्म्य  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  13.114.15 
अर्चयेत् पुण्डरीकाक्षमेवं संवत्सरं तु य:।
जातिस्मरत्वं प्राप्नोति विन्द्याद् बहु सुवर्णकम्॥ १५॥
 
 
अनुवाद
जो मनुष्य इस प्रकार एक वर्ष तक कमलनेत्र भगवान विष्णु की पूजा करता है, उसे पूर्वजन्मों की बातें याद आ जाती हैं और उसे बहुत सारा सोना प्राप्त होता है॥ 15॥
 
One who worships the lotus-eyed Lord Vishnu in this manner for a year remembers the things of his previous births and obtains a large amount of gold.॥ 15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)