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श्लोक  13.112.92-93h 
गन्धर्वैरप्सरोभिश्च दिव्यमाल्यानुलेपनै:॥ ९२॥
विमानै: काञ्चनैर्हृद्यै: पृष्ठतश्चानुगम्यते।
 
 
अनुवाद
उसके पीछे सुन्दर स्वर्ण विमान चल रहे हैं, जिनकी सेवा में दिव्य माला और लेप पहने हुए गन्धर्व और अप्सराएँ चल रही हैं।
 
Behind him follow beautiful golden aircrafts, served by Gandharvas and Apsaras wearing divine garlands and ointments. 92 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)