Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.112.89-90h: उस लोक में वह सुन्दरी अप्सराओं का भोग करता है। उसे किसी प्रकार की चिंता या रोग नहीं सताता। दिव्य वस्त्र धारण करके तथा धनवान होकर वह दस करोड़ वर्षों तक वहाँ निवास करता है। | mahabharat अध्याय 13.112: दरिद्रोंके लिये यज्ञतुल्य फल देनेवाले उपवास-व्रत और उसके फलका विस्तारपूर्वक वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस लोक में वह सुन्दरी अप्सराओं का भोग करता है। उसे किसी प्रकार की चिंता या रोग नहीं सताता। दिव्य वस्त्र धारण करके तथा धनवान होकर वह दस करोड़ वर्षों तक वहाँ निवास करता है।
In that plane he enjoys the company of beautiful celestial nymphs. He is not troubled by any worries or diseases. Wearing divine clothes and having a wealthy appearance, he lives there for ten crore years. 89 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥