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mahabharat 13.112.5-6h: भीष्म ने कहा- युधिष्ठिर! ऋषि अंगिरा द्वारा बताई गई व्रत-विधि यज्ञ के समान फलदायी है। मैं उसका पुनः वर्णन करता हूँ, सुनो।   |   mahabharat अध्याय 13.112: दरिद्रोंके लिये यज्ञतुल्य फल देनेवाले उपवास-व्रत और उसके फलका विस्तारपूर्वक वर्णन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.112.5-6h 
भीष्म उवाच
इदमङ्गिरसा प्रोक्तमुपवासफलात्मकम्॥ ५॥
विधिं यज्ञफलैस्तुल्यं तन्निबोध युधिष्ठिर।
 
 
अनुवाद
भीष्म ने कहा- युधिष्ठिर! ऋषि अंगिरा द्वारा बताई गई व्रत-विधि यज्ञ के समान फलदायी है। मैं उसका पुनः वर्णन करता हूँ, सुनो।
 
Bhishma said- Yudhishthira! The method of fasting told by sage Angira is as fruitful as the yagna. I am describing it again, listen.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)