Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 13.112.134-135h: कहा जाता है कि जम्बूद्वीप पर मेघ जितनी जल की बूँदें बरसाते हैं, उतने ही हजार वर्षों तक बुद्धिमान पुरुष ब्रह्मलोक में निवास करता है ॥134 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 13.112: दरिद्रोंके लिये यज्ञतुल्य फल देनेवाले उपवास-व्रत और उसके फलका विस्तारपूर्वक वर्णन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 112: दरिद्रोंके लिये यज्ञतुल्य फल देनेवाले उपवास-व्रत और उसके फलका विस्तारपूर्वक वर्णन  »  श्लोक 134-135h
 
 
श्लोक  13.112.134-135h 
यावद् वर्षसहस्रं वै जम्बूद्वीपे प्रवर्षति॥ १३४॥
तावत् संवत्सरा: प्रोक्ता ब्रह्मलोकेऽस्य धीमत:।
 
 
अनुवाद
कहा जाता है कि जम्बूद्वीप पर मेघ जितनी जल की बूँदें बरसाते हैं, उतने ही हजार वर्षों तक बुद्धिमान पुरुष ब्रह्मलोक में निवास करता है ॥134 1/2॥
 
The wise man is said to stay in Brahmaloka for as many thousand years as the number of drops of water that the clouds rain on Jambudweep. ॥ 134 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)