Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.112.130-132h: वे विमान पर विराजमान हैं और उनकी प्रभा से प्रकाशित दिव्य स्त्रियाँ उन्हें पूजती हैं। रुद्रों की पुत्रियाँ और देवताओं के ऋषिगण सदैव उनकी पूजा करते हैं। वे कन्याएँ नाना प्रकार के सुंदर रूपों, नाना प्रकार के रागों, मधुर वाणी और नाना प्रकार के काम-क्रीड़ाओं से सुशोभित हैं। | mahabharat अध्याय 13.112: दरिद्रोंके लिये यज्ञतुल्य फल देनेवाले उपवास-व्रत और उसके फलका विस्तारपूर्वक वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वे विमान पर विराजमान हैं और उनकी प्रभा से प्रकाशित दिव्य स्त्रियाँ उन्हें पूजती हैं। रुद्रों की पुत्रियाँ और देवताओं के ऋषिगण सदैव उनकी पूजा करते हैं। वे कन्याएँ नाना प्रकार के सुंदर रूपों, नाना प्रकार के रागों, मधुर वाणी और नाना प्रकार के काम-क्रीड़ाओं से सुशोभित हैं।
He is seated on a plane and is honoured by divine women who are radiant with his own radiance. The daughters of Rudras and sages of the gods always worship him. Those girls are adorned with various types of beautiful forms, different types of melodies, sweet speech and various types of sexual activities.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥