vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 13: अनुशासन पर्व
»
अध्याय 112: दरिद्रोंके लिये यज्ञतुल्य फल देनेवाले उपवास-व्रत और उसके फलका विस्तारपूर्वक वर्णन
»
श्लोक 12
श्लोक
13.112.12
पाण्डुराभ्रप्रतीकाशे विमाने हंसलक्षणे।
द्वे समाप्ते तत: पद्मे सोऽप्सरोभिर्वसेत् सह॥ १२॥
अनुवाद
वे श्वेत मेघों के समान चमकने वाले हंसरूपी विमान पर विराजमान होते हैं और वहाँ अप्सराओं के साथ दो लाख वर्षों तक, काल के अंत तक रहते हैं॥12॥
He sits on a swan-like plane shining like white clouds and stays there with the Apsaras for two million years until the end of the time.॥ 12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×