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श्री महाभारत
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पर्व 13: अनुशासन पर्व
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अध्याय 111: मास, पक्ष एवं तिथिसम्बन्धी विभिन्न व्रतोपवासके फलका वर्णन
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श्लोक 69
श्लोक
13.111.69
च्यवनो जमदग्निश्च वसिष्ठो गौतमो भृगु:।
सर्व एव दिवं प्राप्ता: क्षमावन्तो महर्षय:॥ ६९॥
अनुवाद
च्यवन, जमदग्नि, वशिष्ठ, गौतम, भृगु- इन सभी क्षमाशील महर्षियों को व्रत के द्वारा ही दिव्य लोक प्राप्त हुए हैं। 69॥
Chyavana, Jamadagni, Vashishtha, Gautam, Bhrigu – all these forgiving Maharishis have attained the divine worlds only by fasting. 69॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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