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श्री महाभारत
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पर्व 13: अनुशासन पर्व
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अध्याय 111: मास, पक्ष एवं तिथिसम्बन्धी विभिन्न व्रतोपवासके फलका वर्णन
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श्लोक 67
श्लोक
13.111.67
उपोष्य विधिवद् देवास्त्रिदिवं प्रतिपेदिरे।
ऋषयश्च परां सिद्धिमुपवासैरवाप्नुवन्॥ ६७॥
अनुवाद
देवताओं ने भी व्रत करके स्वर्ग प्राप्त किया है और ऋषियों ने भी व्रत करके सिद्धि प्राप्त की है। 67.
The gods have attained heaven by observing a prescribed fast and the sages too have achieved success by fasting. 67.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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