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श्री महाभारत
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पर्व 13: अनुशासन पर्व
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अध्याय 111: मास, पक्ष एवं तिथिसम्बन्धी विभिन्न व्रतोपवासके फलका वर्णन
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श्लोक 44-45h
श्लोक
13.111.44-45h
चक्रवाकप्रयुक्तेन विमानेन स गच्छति॥ ४४॥
चत्वारिंशत् सहस्राणि वर्षाणां दिवि मोदते।
अनुवाद
वह चक्रवाकों द्वारा ले जाए जाने वाले विमान पर सवार होकर स्वर्ग में जाता है और वहाँ चालीस हजार वर्षों तक सुख भोगता है ॥44 1/2॥
He goes to heaven in a plane carried by the Chakravakas and enjoys there for forty thousand years. ॥ 44 1/2 ॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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