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श्री महाभारत
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पर्व 13: अनुशासन पर्व
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अध्याय 111: मास, पक्ष एवं तिथिसम्बन्धी विभिन्न व्रतोपवासके फलका वर्णन
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श्लोक 30
श्लोक
13.111.30
कार्तिकं तु नरो मासं य: कुर्यादेकभोजनम्।
शूरश्च बहुभार्यश्च कीर्तिमांश्चैव जायते॥ ३०॥
अनुवाद
जो कार्तिक मास में एक बार भोजन करता है, वह वीर योद्धा होता है, उसकी अनेक पत्नियाँ होती हैं और वह प्रसिद्ध होता है ॥30॥
He who eats a single meal during the month of Kartika becomes a valiant warrior, has many wives and is renowned. ॥ 30॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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