vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 13: अनुशासन पर्व
»
अध्याय 111: मास, पक्ष एवं तिथिसम्बन्धी विभिन्न व्रतोपवासके फलका वर्णन
»
श्लोक 28
श्लोक
13.111.28
प्रौष्ठपदं तु यो मासमेकाहारो भवेन्नर:।
गवाढ्यं स्फीतमचलमैश्वर्यं प्रतिपद्यते॥ २८॥
अनुवाद
जो मनुष्य भाद्रपद मास में एक बार भोजन करता है, वह धनवान, धनवान और अचल संपत्ति का भोग करने वाला होता है ॥28॥
He who eats just one meal a day during the month of Bhadrapad becomes blessed with cattle, becomes prosperous and enjoys unshakable wealth. ॥28॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×