श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 111: मास, पक्ष एवं तिथिसम्बन्धी विभिन्न व्रतोपवासके फलका वर्णन  »  श्लोक 18-19
 
 
श्लोक  13.111.18-19 
सर्वकल्याणसम्पूर्ण: सर्वौषधिसमन्वित:॥ १८॥
उपोष्य व्याधिरहितो वीर्यवानभिजायते।
कृषिभागी बहुधनो बहुधान्यश्च जायते॥ १९॥
 
 
अनुवाद
वह सब प्रकार के लाभकारी साधनों से युक्त है और सब प्रकार की औषधियों (अन्न, फल ​​आदि) से युक्त है। मार्गशीर्ष मास में व्रत करने से मनुष्य अगले जन्म में रोगमुक्त और बलवान होता है। उसे खेती-बाड़ी के लिए सुविधा होती है और वह धन-धान्य से संपन्न होता है। 18-19॥
 
It is full of all types of beneficial resources and full of all types of medicines (foods, fruits etc.). By fasting in the month of Margashirsha, a person becomes disease free and strong in the next birth. He has facilities for farming and is rich in wealth. 18-19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)