Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.110.9: पापी मनुष्य जिस कुल में जन्म लेता है, उसके लिए समस्त विपत्तियों का कारण बनता है। पापी मनुष्य कुल को कलंकित करता है और उसकी प्रतिष्ठा को नष्ट करता है।॥9॥ | mahabharat अध्याय 13.110: बड़े और छोटे भाईके पारस्परिक बर्ताव तथा माता-पिता, आचार्य आदि गुरुजनोंके गौरवका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पापी मनुष्य जिस कुल में जन्म लेता है, उसके लिए समस्त विपत्तियों का कारण बनता है। पापी मनुष्य कुल को कलंकित करता है और उसकी प्रतिष्ठा को नष्ट करता है।॥9॥
A sinful man becomes the cause of all misfortunes for the family in which he is born. A sinful man brings disgrace to the family and ruins its reputation.॥ 9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥