Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.110.8: जो मनुष्य छल करता है, वह निस्सन्देह पापमय लोकों (नरक) में जाता है। उसका जन्म उसी प्रकार व्यर्थ माना जाता है, जैसे पिता के लिए बाँस का फूल व्यर्थ है ॥8॥ | mahabharat अध्याय 13.110: बड़े और छोटे भाईके पारस्परिक बर्ताव तथा माता-पिता, आचार्य आदि गुरुजनोंके गौरवका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो मनुष्य छल करता है, वह निस्सन्देह पापमय लोकों (नरक) में जाता है। उसका जन्म उसी प्रकार व्यर्थ माना जाता है, जैसे पिता के लिए बाँस का फूल व्यर्थ है ॥8॥
A man who does deceit undoubtedly goes to the sinful worlds (hell). His birth is considered to be as useless as a flower from a bamboo tree for its father. ॥ 8॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥