Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.110.6: बड़ा भाई अपनी अच्छी नीतियों से कुल को समृद्ध बनाता है; किन्तु यदि वह बुरी नीतियों का सहारा लेता है, तो वह उसे विनाश के गर्त में धकेल देता है! जहाँ बड़े भाई के विचार बुरे होते हैं, वहाँ वह उस पूरे कुल को नष्ट कर देता है जिसमें वह पैदा हुआ है ॥6॥ | mahabharat अध्याय 13.110: बड़े और छोटे भाईके पारस्परिक बर्ताव तथा माता-पिता, आचार्य आदि गुरुजनोंके गौरवका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
बड़ा भाई अपनी अच्छी नीतियों से कुल को समृद्ध बनाता है; किन्तु यदि वह बुरी नीतियों का सहारा लेता है, तो वह उसे विनाश के गर्त में धकेल देता है! जहाँ बड़े भाई के विचार बुरे होते हैं, वहाँ वह उस पूरे कुल को नष्ट कर देता है जिसमें वह पैदा हुआ है ॥6॥
The elder brother makes the family prosper by his good policies; but if he resorts to bad policies, he throws it into the abyss of destruction! Where the elder brother's thoughts are evil, he ruins the entire family in which he was born. ॥ 6॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥