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mahabharat 13.110.13-14h: बड़ा भाई चाहे अच्छा कर रहा हो या बुरा, छोटे भाई को उसका अपमान नहीं करना चाहिए। इसी प्रकार यदि पत्नी या छोटा भाई बुरे मार्ग पर चल रहा हो, तो सज्जन पुरुष को उनके हित में जो भी करना हो, करना चाहिए। धर्म को जानने वाले पुरुष कहते हैं कि धर्म ही कल्याण का सर्वोत्तम साधन है॥13 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 13.110: बड़े और छोटे भाईके पारस्परिक बर्ताव तथा माता-पिता, आचार्य आदि गुरुजनोंके गौरवका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 110: बड़े और छोटे भाईके पारस्परिक बर्ताव तथा माता-पिता, आचार्य आदि गुरुजनोंके गौरवका वर्णन  »  श्लोक 13-14h
 
 
श्लोक  13.110.13-14h 
न ज्येष्ठो वावमन्येत दुष्कृत: सुकृतोऽपि वा।
यदि स्त्री यद्यवरज: श्रेयश्चेत् तत् तदाचरेत्॥ १३॥
धर्मं हि श्रेय इत्याहुरिति धर्मविदो जना:।
 
 
अनुवाद
बड़ा भाई चाहे अच्छा कर रहा हो या बुरा, छोटे भाई को उसका अपमान नहीं करना चाहिए। इसी प्रकार यदि पत्नी या छोटा भाई बुरे मार्ग पर चल रहा हो, तो सज्जन पुरुष को उनके हित में जो भी करना हो, करना चाहिए। धर्म को जानने वाले पुरुष कहते हैं कि धर्म ही कल्याण का सर्वोत्तम साधन है॥13 1/2॥
 
Whether the elder brother is doing good or bad, the younger one should not insult him. Similarly, if the wife or the younger brother is following a bad path, then the noble man should do whatever is good for them. The men who know religion say that religion is the best means of welfare.॥13 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)