ये चाल्पतेजोबलसत्त्वमाना:
क्लिश्यन्ति कुप्यन्ति च यत्र तत्र।
न चैव तिष्ठामि तथाविधेषु
नरेषु संगुप्तमनोरथेषु॥ ८॥
अनुवाद
जिनमें तेज, बल, सात्विकता और अभिमान बहुत कम है, जो जरा-जरा सी बात पर बिगड़ जाते हैं, जिनके मन में भाव कुछ और है, परन्तु बाहर कुछ और ही दिखाई देता है, ऐसे लोगों में मैं निवास नहीं करता हूँ॥8॥
I do not reside in those who have very little brilliance, strength, goodness and pride, who get upset at every little thing, who have a different attitude in their mind but show something else outwardly. ॥ 8॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥