Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.109.88-89h: सभी त्यौहारों पर मनुष्य को स्नान करना चाहिए, शुद्ध होना चाहिए, वस्त्र और आभूषणों से सुसज्जित होना चाहिए, व्रत रखना चाहिए तथा त्यौहार के दौरान सदैव ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए। | mahabharat अध्याय 13.109: आयुकी वृद्धि और क्षय करनेवाले शुभाशुभ कर्मोंके वर्णनसे गृहस्थाश्रमके कर्तव्योंका विस्तारपूर्वक निरूपण । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उपवासं च कुर्वीत स्नात: शुचिरलंकृत:॥ ८८॥
पर्वकालेषु सर्वेषु ब्रह्मचारी सदा भवेत्।
अनुवाद
सभी त्यौहारों पर मनुष्य को स्नान करना चाहिए, शुद्ध होना चाहिए, वस्त्र और आभूषणों से सुसज्जित होना चाहिए, व्रत रखना चाहिए तथा त्यौहार के दौरान सदैव ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए।
On all festivals, a person should bathe, purify himself, adorn himself with clothes and ornaments, observe fast and always observe celibacy during the festival period.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥