Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.109.52: बिना स्नान किए शरीर पर चंदन या इत्र नहीं लगाना चाहिए। स्नान करने के बाद गीले कपड़े नहीं झाड़ने चाहिए। व्यक्ति को कभी भी गीले कपड़े नहीं पहनने चाहिए ॥52॥ | mahabharat अध्याय 13.109: आयुकी वृद्धि और क्षय करनेवाले शुभाशुभ कर्मोंके वर्णनसे गृहस्थाश्रमके कर्तव्योंका विस्तारपूर्वक निरूपण । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
न चानुलिम्पेदस्नात्वा स्नात्वा वासो न निर्धुनेत्।
न चैवार्द्राणि वासांसि नित्यं सेवेत मानव:॥ ५२॥
अनुवाद
बिना स्नान किए शरीर पर चंदन या इत्र नहीं लगाना चाहिए। स्नान करने के बाद गीले कपड़े नहीं झाड़ने चाहिए। व्यक्ति को कभी भी गीले कपड़े नहीं पहनने चाहिए ॥52॥
One should not apply sandalwood or perfume on his body without taking a bath. One should not shake off wet clothes after taking a bath. A person should never wear wet clothes. ॥ 52॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥