Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.109.19-20h: जो ब्राह्मण न तो प्रातःकाल और न ही सायंकाल की पूजा करते हैं, उनसे श्रेष्ठतम धर्मात्मा राजा को शूद्रों के योग्य कर्म करवाना चाहिए ॥19 1/2॥ | mahabharat अध्याय 13.109: आयुकी वृद्धि और क्षय करनेवाले शुभाशुभ कर्मोंके वर्णनसे गृहस्थाश्रमके कर्तव्योंका विस्तारपूर्वक निरूपण । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ये न पूर्वामुपासन्ते द्विजा: संध्यां न पश्चिमाम्॥ १९॥
सर्वांस्तान् धार्मिको राजा शूद्रकर्माणि कारयेत्।
अनुवाद
जो ब्राह्मण न तो प्रातःकाल और न ही सायंकाल की पूजा करते हैं, उनसे श्रेष्ठतम धर्मात्मा राजा को शूद्रों के योग्य कर्म करवाना चाहिए ॥19 1/2॥
Those Brahmins who neither perform morning nor evening prayers, the most religious king should make them perform the duties befitting a Shudra. ॥19 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥