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mahabharat 13.109.154: सदाचार कल्याण का कारण है और सदाचार यश को बढ़ाता है। सदाचार आयु बढ़ाता है और सदाचार दुर्गुणों का नाश करता है।॥154॥   |   mahabharat अध्याय 13.109: आयुकी वृद्धि और क्षय करनेवाले शुभाशुभ कर्मोंके वर्णनसे गृहस्थाश्रमके कर्तव्योंका विस्तारपूर्वक निरूपण   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 109: आयुकी वृद्धि और क्षय करनेवाले शुभाशुभ कर्मोंके वर्णनसे गृहस्थाश्रमके कर्तव्योंका विस्तारपूर्वक निरूपण  »  श्लोक 154
 
 
श्लोक  13.109.154 
आचारो भूतिजनन आचार: कीर्तिवर्धन:।
आचाराद् वर्धते ह्यायुराचारो हन्त्यलक्षणम्॥ १५४॥
 
 
अनुवाद
सदाचार कल्याण का कारण है और सदाचार यश को बढ़ाता है। सदाचार आयु बढ़ाता है और सदाचार दुर्गुणों का नाश करता है।॥154॥
 
Good conduct is the cause of welfare and good conduct enhances fame. Good conduct increases life span and good conduct destroys bad traits.॥ 154॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)