vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 13: अनुशासन पर्व
»
अध्याय 108: ब्रह्माजी और भगीरथका संवाद, यज्ञ, तप, दान आदिसे भी अनशन-व्रतकी विशेष महिमा
»
श्लोक 6
श्लोक
13.108.6
तं तु दृष्ट्वा वच: प्राह ब्रह्मा राजन् भगीरथम्।
कथं भगीरथागास्त्वमिमं लोकं दुरासदम्॥ ६॥
अनुवाद
राजा भगीरथ को वहाँ उपस्थित देखकर ब्रह्माजी ने उनसे पूछा - 'भगीरथ! इस लोक में आना बड़ा कठिन है, फिर तुम यहाँ कैसे पहुँचे?'
King! Seeing King Bhagirath present there, Lord Brahma asked him - 'Bhagirath! It is very difficult to come to this world, how did you reach here? 6.
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas