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श्लोक  13.108.44 
तस्मादनशनैर्युक्तो विप्रान् पूजय नित्यदा।
विप्राणां वचनात् सर्वं परत्रेह च सिध्यति॥ ४४॥
 
 
अनुवाद
इसलिए तुम्हें भी व्रत-उपवास करने के साथ-साथ ब्राह्मणों का पूजन भी करना चाहिए क्योंकि ब्राह्मणों के आशीर्वाद से इस लोक के साथ-साथ परलोक में भी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
 
Therefore you too should worship Brahmins along with observing fasts and fasts because with the blessings of Brahmins all desires are fulfilled in this world as well as the next.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)