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श्लोक  13.107.7 
ह्रियमाणं तु तं दृष्ट्वा गौतम: संशितव्रत:।
अभ्यभाषत राजानं धृतराष्ट्रं महातपा:॥ ७॥
 
 
अनुवाद
उस हाथी का अपहरण होते देख कठोर व्रतधारी महातपस्वी गौतम ने राजा धृतराष्ट्र से कहा -
 
Gautama, the great ascetic who observed a strict vow, seeing that elephant being abducted, said to King Dhritarashtra -
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)