Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.106.3: क्षत्रिय ने पूछा, "चाण्डाल! यद्यपि तुम वृद्ध हो गये हो, फिर भी तुम्हारा आचरण बालकों जैसा है। कुत्तों और गधों की धूल खाने वाले होकर भी तुम इन गायों की धूल से इतने व्याकुल क्यों हो रहे हो?" | mahabharat अध्याय 13.106: ब्राह्मणोंके धनका अपहरण करनेसे प्राप्त होनेवाले दोषके विषयमें क्षत्रिय और चाण्डालका संवाद तथा ब्रह्मस्वकी रक्षामें प्राणोत्सर्ग करनेसे चाण्डालको मोक्षकी प्राप्ति । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
क्षत्रिय ने पूछा, "चाण्डाल! यद्यपि तुम वृद्ध हो गये हो, फिर भी तुम्हारा आचरण बालकों जैसा है। कुत्तों और गधों की धूल खाने वाले होकर भी तुम इन गायों की धूल से इतने व्याकुल क्यों हो रहे हो?"
The Kshatriya asked, "Chandala! Even though you have grown old, you still behave like a child. Despite being one who consumes the dust of dogs and donkeys, why are you so disturbed by the dust of these cows?"
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥