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mahabharat 13.104.6: नरेश्वर! स्वर्ग में भी महाबली राजा नहुष के समस्त मानवीय कार्यकलाप तथा दिव्य सनातन कार्यकलाप निरन्तर चलते रहते थे॥6॥   |   mahabharat अध्याय 13.104: नहुषका ऋषियोंपर अत्याचार तथा उसके प्रतीकारके लिये महर्षि भृगु और अगस्त्यकी बातचीत   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.104.6 
मानुष्यस्तत्र सर्वा: स्म क्रियास्तस्य महात्मन:।
प्रवृत्तास्त्रिदिवे राजन् दिव्याश्चैव सनातना:॥ ६॥
 
 
अनुवाद
नरेश्वर! स्वर्ग में भी महाबली राजा नहुष के समस्त मानवीय कार्यकलाप तथा दिव्य सनातन कार्यकलाप निरन्तर चलते रहते थे॥6॥
 
Nareshwar! Even in heaven, all the human activities and divine eternal activities of the great King Nahusha were always going on. 6॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)