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श्री महाभारत
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पर्व 13: अनुशासन पर्व
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अध्याय 104: नहुषका ऋषियोंपर अत्याचार तथा उसके प्रतीकारके लिये महर्षि भृगु और अगस्त्यकी बातचीत
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श्लोक 3
श्लोक
13.104.3
भीष्म उवाच
अत्राप्युदाहरन्तीममितिहासं पुरातनम्।
नहुषस्य च संवादमगस्त्यस्य भृगोस्तथा॥ ३॥
अनुवाद
भीष्म बोले, 'हे राजन! ज्ञानी लोग राजा नहुष, अगस्त्य और भृगु के बीच हुए संवाद का प्राचीन इतिहास का उदाहरण भी देते हैं।
Bhishma said, 'O King! Knowledgeable people also cite the example of the ancient history of the dialogue between King Nahush, Agastya and Bhrigu.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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