श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 104: नहुषका ऋषियोंपर अत्याचार तथा उसके प्रतीकारके लिये महर्षि भृगु और अगस्त्यकी बातचीत  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  13.104.23 
अद्य हि त्वां सुदुर्बुद्धी रथे योक्ष्यति देवराट्।
अद्यैनमहमुद्‍वृत्तं करिष्येऽनिन्द्रमोजसा॥ २३॥
 
 
अनुवाद
आज यह मूर्ख देवराज तुम्हें रथ में जोतेगा, अतः आज ही मैं अपने तेज से इस उद्दण्ड नहुष को राज्यच्युत कर दूँगा॥ 23॥
 
Today this foolish king of gods will harness you in a chariot. Therefore, today itself I will dethrone this unruly Nahush with my brilliance.॥ 23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)