Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.103.44: देवताओं को पुष्प दान करने से जो गुण या लाभ बताए गए हैं, वही धूप अर्पित करने से भी प्राप्त होते हैं। यह जानना चाहिए। धूप से देवताओं की प्रसन्नता भी बढ़ती है। 44॥ | mahabharat अध्याय 13.103: तपस्वी सुवर्ण और मनुका संवाद—पुष्प, धूप, दीप और उपहारके दानका माहात्म्य । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
देवताओं को पुष्प दान करने से जो गुण या लाभ बताए गए हैं, वही धूप अर्पित करने से भी प्राप्त होते हैं। यह जानना चाहिए। धूप से देवताओं की प्रसन्नता भी बढ़ती है। 44॥
The same qualities or benefits mentioned by donating flowers to the gods are also obtained by offering incense. This should be known. Incense also increases the happiness of the gods. 44॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥