Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.103.4: वे एक कुलीन परिवार से थे, चरित्रवान और सद्गुणी थे। वे अपनी विद्या में भी बहुत प्रसिद्ध थे। अपने सद्गुणों के कारण वे कुलीन कुलों में जन्मे अनेक महापुरुषों से आगे थे।॥4॥ | mahabharat अध्याय 13.103: तपस्वी सुवर्ण और मनुका संवाद—पुष्प, धूप, दीप और उपहारके दानका माहात्म्य । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कुलशीलगुणोपेत: स्वाध्याये च परंगत:।
बहून् सुवंशप्रभवान् समतीत: स्वकैर्गुणै:॥ ४॥
अनुवाद
वे एक कुलीन परिवार से थे, चरित्रवान और सद्गुणी थे। वे अपनी विद्या में भी बहुत प्रसिद्ध थे। अपने सद्गुणों के कारण वे कुलीन कुलों में जन्मे अनेक महापुरुषों से आगे थे।॥4॥
He was from a noble family, blessed with character and virtue. He was also very famous for his studies. Due to his virtues, he was ahead of many great men born in noble families.॥ 4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥