Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.103.36: पुष्प अर्पित करने से मनुष्य देवताओं को तुरन्त संतुष्ट कर देता है और संतुष्ट होकर देवता पूर्ण निश्चय से मनुष्यों को इच्छित एवं स्वादिष्ट भोजन देकर उनका कल्याण करते हैं ॥ 36॥ | mahabharat अध्याय 13.103: तपस्वी सुवर्ण और मनुका संवाद—पुष्प, धूप, दीप और उपहारके दानका माहात्म्य । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पुष्प अर्पित करने से मनुष्य देवताओं को तुरन्त संतुष्ट कर देता है और संतुष्ट होकर देवता पूर्ण निश्चय से मनुष्यों को इच्छित एवं स्वादिष्ट भोजन देकर उनका कल्याण करते हैं ॥ 36॥
By offering flowers, man instantly satisfies the gods and being satisfied, the gods with perfect resolve do good to men by giving them desired and delicious food. ॥ 36॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥