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mahabharat 13.103.31: जिन फूलों में बहुत कांटे हों, जिन्हें हाथ से छूना कठिन हो, जिनका रंग अधिकतर लाल या काला हो तथा जिनकी सुगंध तीव्र प्रभाव डालती हो, ऐसे फूल भूत-प्रेतों के लिए लाभदायक होते हैं। अत: ऐसे फूल उन्हें अर्पित करने चाहिए।   |   mahabharat अध्याय 13.103: तपस्वी सुवर्ण और मनुका संवाद—पुष्प, धूप, दीप और उपहारके दानका माहात्म्य   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.103.31 
तीक्ष्णवीर्यास्तु भूतानां दुरालम्भा: सकण्टका:।
रक्तभूयिष्ठवर्णाश्च कृष्णाश्चैवोपहारयेत्॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
जिन फूलों में बहुत कांटे हों, जिन्हें हाथ से छूना कठिन हो, जिनका रंग अधिकतर लाल या काला हो तथा जिनकी सुगंध तीव्र प्रभाव डालती हो, ऐसे फूल भूत-प्रेतों के लिए लाभदायक होते हैं। अत: ऐसे फूल उन्हें अर्पित करने चाहिए।
 
Flowers which have many thorns, which are difficult to touch with hands, whose colour is mostly red or black and whose fragrance has a strong effect, such flowers are useful for ghosts and spirits. Therefore, such flowers should be offered to them. 31.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)