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श्लोक  13.103.30 
ओषध्यो रक्तपुष्पाश्च कटुका: कण्टकान्विता:।
शत्रूणामभिचारार्थमाथर्वेषु निदर्शिता:॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
अथर्ववेद में उल्लेख है कि शत्रुओं को हानि पहुँचाने के लिए किये जाने वाले अनुष्ठानों में लाल पुष्पों वाली कड़वी और काँटेदार औषधियों का प्रयोग करना चाहिए ॥30॥
 
It is mentioned in Atharvaveda that bitter and prickly medicines with red flowers should be used in rituals performed to cause harm to enemies. 30॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)