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mahabharat 13.103.23: उग्रा, सौम्या, तेजस्विनी, बहुवीर्या और बहुरूपा - ये अनेक प्रकार की औषधियाँ हैं। इन सबको अवश्य जानना चाहिए ॥23॥   |   mahabharat अध्याय 13.103: तपस्वी सुवर्ण और मनुका संवाद—पुष्प, धूप, दीप और उपहारके दानका माहात्म्य   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.103.23 
ज्ञेयास्तूग्राश्च सौम्याश्च तेजस्विन्यश्च ता: पृथक्।
ओषध्यो बहुवीर्या हि बहुरूपास्तथैव च॥ २३॥
 
 
अनुवाद
उग्रा, सौम्या, तेजस्विनी, बहुवीर्या और बहुरूपा - ये अनेक प्रकार की औषधियाँ हैं। इन सबको अवश्य जानना चाहिए ॥23॥
 
Ugra, Saumya, Tejaswini, Bahuvirya and Bahurupa – there are many types of medicines. Must know them all. 23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)