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mahabharat 13.103.2: भीष्म बोले, 'भारत! इस प्रसंग में प्रजापति मनु और सुवर्ण के संवाद का प्राचीन इतिहास उदाहरण दिया जाता है॥ 2॥   |   mahabharat अध्याय 13.103: तपस्वी सुवर्ण और मनुका संवाद—पुष्प, धूप, दीप और उपहारके दानका माहात्म्य   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.103.2 
भीष्म उवाच
अत्राप्युदाहरन्तीममितिहासं पुरातनम्।
मनो: प्रजापतेर्वादं सुवर्णस्य च भारत॥ २॥
 
 
अनुवाद
भीष्म बोले, 'भारत! इस प्रसंग में प्रजापति मनु और सुवर्ण के संवाद का प्राचीन इतिहास उदाहरण दिया जाता है॥ 2॥
 
Bhishma said, 'Bharat! In this context, an example of the ancient history of the dialogue between Prajapati Manu and gold is given.॥ 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)