Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.103.15: बलि ने पूछा, "हे ब्रह्मज्ञानियों में श्रेष्ठ! हे ब्राह्मणों के मुखिया! पुष्प, धूप और दीप अर्पण करने का क्या फल होता है? कृपा करके मुझे यह बताइए।" | mahabharat अध्याय 13.103: तपस्वी सुवर्ण और मनुका संवाद—पुष्प, धूप, दीप और उपहारके दानका माहात्म्य । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
बलि ने पूछा, "हे ब्रह्मज्ञानियों में श्रेष्ठ! हे ब्राह्मणों के मुखिया! पुष्प, धूप और दीप अर्पण करने का क्या फल होता है? कृपा करके मुझे यह बताइए।"
Bali asked, "O best of all the knowers of Brahman! O head of the Brahmins! What is the result of offering flowers, incense and lamps? Kindly tell me this." 15.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥