श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 102: गृहस्थधर्म, पञ्चयज्ञ-कर्मके विषयमें पृथ्वीदेवी और भगवान‍् श्रीकृष्णका संवाद  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  13.102.9 
सिद्धान्नाद् वैश्वदेवं वै कुर्यादग्नौ यथाविधि॥ ९॥
 
 
अनुवाद
तैयार भोजन में से अन्न ग्रहण करके उससे विधिपूर्वक बलिवैश्वदेव का अनुष्ठान करना चाहिए ॥9॥
 
Taking food from the prepared food, one should perform the rituals of Balivaishvadev with it in a prescribed manner. ॥ 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)