vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 13: अनुशासन पर्व
»
अध्याय 102: गृहस्थधर्म, पञ्चयज्ञ-कर्मके विषयमें पृथ्वीदेवी और भगवान् श्रीकृष्णका संवाद
»
श्लोक 14
श्लोक
13.102.14
तथैव विश्वेदेवेभ्यो बलिमाकाशतो हरेत्।
निशाचरेभ्यो भूतेभ्यो बलिं नक्तं तथा हरेत्॥ १४॥
अनुवाद
आकाश में देवताओं को बलि दो। रात्रि में राक्षसों और भूतों को बलि दो। 14॥
Offer sacrifice to the gods in the sky. Offer sacrifices at night to demons and ghosts. 14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×