श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 101: सरोवर खोदाने और वृक्ष लगानेका माहात्म्य  »  श्लोक d2
 
 
श्लोक  13.101.d2 
भीष्म उवाच
सुप्रदर्शो धनपतिश्चित्रधातुविभूषित:।
त्रिषु लोकेषु सर्वत्र पूजितो यस्तटाकवान्॥
 
 
अनुवाद
भीष्म बोले, "हे राजन! जो व्यक्ति तालाब बनवाता है, वह विचित्र धातुओं से विभूषित होकर कोषाध्यक्ष कुबेर के समान सुन्दर होता है। तीनों लोकों में उसकी सर्वत्र पूजा होती है।"
 
Bhishma said, "O King! The person who builds a pond is as beautiful as the treasurer Kubera, adorned with strange metals. He is worshipped everywhere in the three worlds."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)