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mahabharat 13.100.d5: मातलि बोले - हे प्रभु! आप तो समस्त देवताओं के अधिपति हैं, जिनकी पूजा सभी लोग करते हैं; किन्तु कृपा करके मुझे इस संसार में उन महान आत्माओं से परिचित कराइये, जिनके आगे आप अपना मस्तक झुकाते हैं।   |   mahabharat अध्याय 13.100: सबके पूजनीय और वन्दनीय कौन हैं—इस विषयमें इन्द्र और मातलिका संवाद   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 100: सबके पूजनीय और वन्दनीय कौन हैं—इस विषयमें इन्द्र और मातलिका संवाद  »  श्लोक d5
 
 
श्लोक  13.100.d5 
मातलिरुवाच
नमस्कृतानां सर्वेषां भगवंस्त्वं पुरस्कृत:।
येषां लोके नमस्कुर्यात् तान् ब्रवीतु भवान् मम॥
 
 
अनुवाद
मातलि बोले - हे प्रभु! आप तो समस्त देवताओं के अधिपति हैं, जिनकी पूजा सभी लोग करते हैं; किन्तु कृपा करके मुझे इस संसार में उन महान आत्माओं से परिचित कराइये, जिनके आगे आप अपना मस्तक झुकाते हैं।
 
Matali said - O Lord! You are the leader of all the gods who are worshiped by everyone; but please introduce me to those great souls in this world to whom you bow your head.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)