Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.100.d11: हे मातले! मैं उन लोगों को नमस्कार करता हूँ जो प्रेममयी पत्नी वाले हैं, शुद्ध आचरण और विचारों से रहते हैं, प्रतिदिन अग्निहोत्र करते हैं और जिनके कुल में चौपाये (गाय आदि) भी पाले जाते हैं। | mahabharat अध्याय 13.100: सबके पूजनीय और वन्दनीय कौन हैं—इस विषयमें इन्द्र और मातलिका संवाद । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे मातले! मैं उन लोगों को नमस्कार करता हूँ जो प्रेममयी पत्नी वाले हैं, शुद्ध आचरण और विचारों से रहते हैं, प्रतिदिन अग्निहोत्र करते हैं और जिनके कुल में चौपाये (गाय आदि) भी पाले जाते हैं।
O Matale! I salute those who are blessed with a loving wife, live with pure conduct and thoughts, perform Agnihotra (fire sacrifice) every day and in whose family four-legged animals (cows etc.) are also reared.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥